सऊदी पासपोर्ट विभाग ने कहा है कि जिन लोगों के पास हज परमिट नहीं होता है उनको सफ़र मैं मदद करने वालों पर उन्हें 50,000 रियाल तक का जुर्माना और 6 महीने तक की कैद होगी।

सबक वेबसाइट के अनुसार, विभाग ने अपने ट्विटर अकाउंट में कहा कि “अगर अवैध आप्रवासियों को परिवहन प्रदान करने वाला व्यक्ति विदेशी है, तो उसे सजा के बाद सऊदी अरब से निकाल दिया जाएगा.उन्हें कानून द्वारा निर्धारित अवधि के लिए ब्लैकलिस्ट किया जाएगा और किसी भी वीजा पर सऊदी अरब नहीं आ पाएंगे।

दूसरी ओर, हज स्थानों पर पासपोर्ट विभाग के प्रमुख, जनरल खालिद बिन फ़हद अल-जैद ने कहा है कि “मक्का के प्रवेश द्वारों पर चौकियों की स्थापना की गई है।पासपोर्ट विभाग की मुख्य चौकियों को शम्सी, अल-बहेटा, तनीम और अल-कर्र में स्थापित किया जाता है जहां पवित्र शहर में प्रवेश करने वालों की जाँच की जाती है।

अवैध आप्रवासियों को मक्का ले जाने के नियमों का उल्लंघन करने पर सजा को चरणों में लागू किया जाएगा। पहले चरण में 15 दिन की कैद और 10,000 रुपये का जुर्माना होगा.यदि ट्रांसपोर्टर विदेशी है, तो उसे सऊदी अरब से निकाल दिया जाएगा और वाहन को जब्त कर लिया जाएगा।यदि उल्लंघन दोहराया जाता है, तो प्रत्येक अवैध प्रवेश के लिए दो महीने की कैद और 25,000 रियाल का जुर्माना होगा.तीसरे उल्लंघन में छह महीने की कैद और प्रत्येक अवैध प्रवेश के लिए 50,000 रियाल का जुर्माना है।

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