RANCHI : कहते हैं कि पढ़ने-लिखने की कोई उम्र सीमा नहीं होती बस हौसला चाहिए| ऐसा ही नजारा देखने को मिला झारखंड में. इस बार यह सराहनीय कार्य सूबे 10वीं पास शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने कर दिखाया है. वह अब इंटर की पढ़ाई करेंगे.

मंत्रालय की जिम्मेदारी निभाने के साथ-साथ अब मंत्री जी स्कूल में अपनी क्लासरूम की बेंच पर बैठकर पढ़ाई भी करते नजर आएंगे. बता दें कि सूबे के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो अपने ही डुमरी विधानसभा क्षेत्र के नवाडीह स्थित देवी महतो स्मारक इंटर महाविद्यालय में सोमवार को इंटरमीडिएट में दाखिला ले लिया है.

वो ऐसा नियमित रूप से क्लास जाकर करेंगे| मंत्री जगरनाथ महतो ने कहा कि जब राज्य में हमें शिक्षा मंत्री पद की शपथ दिलाई जा रही थी तब कुछ लोगो ने मज़ाक उड़ाते हुए कहा था कि 10वीं पास को शिक्षा मंत्री बनाया गया है| ऐसे में शिक्षा नीति कैसे बेहतर होगी, ये क्या करेंगे|

उन्होंने कहा कि मै उसी विरोध और मज़ाक का आज जबाब दे रहा हूं. मैं उन लोगों को बताना चाहता हूं कि हममें वो जोश और जज्बा है कि अपनी पढ़ाई पूरी करेंगे, मंत्रालय भी देखेंगे, खेती भी करेंगे और जनता की सेवा भी करेंगे. इतनी जिम्मेदारी संभालना आसान नहीं है मगर मै पूरी कोशिश करूँगा. मंत्री ने कहा कि पढ़ने की कोई उम्र नहीं होती है, इसलिए हम पढ़ाई पूरी करेंगें| सूबे के शिक्षा मंत्री का यह जोश और जज्बा एक प्रेरणा देता है, अगर आप चाह ले तो उम्र के किसी भी पड़ाव में आप सीख सकते हैं.

किसान परिवार से आने वाले मंत्री जगरनाथ महतो ने दसवीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी. उन्होंने मीडिया को इसकी वजह ये बताई है कि उस वक्त झारखंड आंदोलन अपने चरम पर था. हम भी नौजवान थे तो विनोद बिहारी महतो के नेतृत्व में आंदोलन में कूद पड़े. इसके बाद राजनीति में आ गए. इसी कारण पढ़ाई आगे नहीं बढ़ पाई, लेकिन अब इसे पूरा करूंगा. उनके इस जज्बे को हम सलाम करते हैं.

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