रक्तदान जीवनदान है। हमारे द्वारा किया गया रक्तदान कई जिंदगियों को बचाता है। इस बात का अहसास हमें तब होता है जब हमारा कोई अपना खून के लिए जिंदगी और मौत के बीच जूझता है। उस वक्त हम नींद से जागते हैं और उसे बचाने के लिए खून के इंतजाम की जद्दोजहद करते हैं।

दान तो बहुत होते हैं, लेकिन जीवन दान से बढ़ा कुछ नहीं होता है। रक्तदान ही ऐसा दान है जोकि किसी की जान बचाता है और अनजान से खून का रिश्ता भी जोड़ता। रक्तदान से न केवल दुआएं मिलती बल्कि जान बचाने पर खुद को गर्व की अनुभूति के साथ ही आत्म संतोष भी मिलता है। शरीर 24 घंटे में ही दान किए गए रक्त की पूर्ति कर लेता है लेकिन कई बीमारियां तो हमेशा के लिए दूर हो जाती हैं।

मूल रूप से बेनीपट्टी प्रखंड के बरहा गांव निवासी व ट्राइडेंट सेवा के प्रदेश अध्यक्ष विवेकानन्द ठाकुर अभी तक एक दर्जन से भी अधिक रक्तदान कर न जाने कितनी जिन्दगी बचा चुके है। श्री ठाकुर कहते हैं कि रक्तदान करने के बाद शरीर में ताजगी सी महसूस होती है और यह भी पता चला कि शरीर में रहते हुए से ज्यादा दान के बाद उनका रक्त कितना महत्वपूर्ण हो जाता है। सभी को रक्तदान करते रहना चाहिए। आप के दान से न जाने किस जरूरत मंद का उजड़ता परिवार बच जाए।

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