निजी वेंडर्स और एजेंट नहीं कर सकेंगे रेलवे टिकट बुक, रेल मंत्री ने जताई ख्वाहिश
भारतीय रेल यात्रियों को आसानी से टिकट मुहैया कराने के मद्देनजर सरकार ने पहले दलालों पर कार्रवाई की। अब रेल मंत्रालय की नजर निजी टिकट बुकिंग एजेंटों पर है। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार (13 मार्च) को लोकसभा में अपने मंत्रालय में अनुदान की मांग पर बहस के दौरान कहा, “अब मुझे लगता है कि वेंडरों और टिकट एजेंटों की आवश्यकता नहीं है। मैं विचार कर रहा हूं कि ये एजेंट और सब-एजेंट, जो यह दावा करते हुए बोर्ड लगाए हैं कि यात्रियों को जल्दी से टिकट मिल जाएगा, को दूर किया जाना चाहिए।”

गोयल ने कहा, “आज सभी के पास फोन हैं। वे फोन का उपयोग करके टिकट बुक कर सकते हैं। यदि कोई सहायता चाहता है, तो वह व्यक्ति सरकार की कॉमन सर्विस सेंटरों में जाकर टिकट बुक कर सकता है। इससे इन केंद्रों पर काम करने वाले युवाओं की आय सुनिश्चित होगी।”

गोयल ने कहा कि फर्जी टिकटों के प्रति सतर्कता बरतते हुए रेलवे ने अब तक 10 करोड़ रुपये के ऐसे फर्जी टिकट रद्द कर दिए हैं। उनके अनुसार, पिछले 14 महीनों में 5,300 दलालों को गिरफ्तार किया है, जो टिकटों की ब्लैक मार्केटिंग करते थे। साथ ही, 884 बुकिंग वेंडरों को ब्लैकलिस्ट किया गया।

यात्रा के समय के मुद्दे पर गोयल ने कहा कि रेलवे ट्रेनों के ठहरने के समय पर एक आकलन करेगा और जो अनावश्यक पाए जाने पर उस ठहराव को हटा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि संसद की सलाहकार समिति ने मंत्रालय द्वारा दिए गए प्रस्तावों को पहले ही मंजूरी दे दी है।

रेल बजट को आम बजट के साथ विलय के मुद्दे गोयल ने पिछली कांग्रेस नीत सरकारों पर हमला करते हुए कहा कि उन्होंने केवल लोगों को गुमराह करने के लिए एक अलग बजट पेश किया है। अलग बजट केवल एक “गुब्बारा” था और इस पर सदन में सिर्फ “ताली” बजी। उन्होंने कहा कि “नकली” घोषणाएं केवल चुनावों में लोगों को भ्रमित करती थीं। उन्होंने 1974 से लंबित परियोजनाओं के कई उदाहरण भी दिए।

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