भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने यस बैंक के संकट में घिरने को लेकर एक तरह से सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि इस समस्या से निपटने के लिए काफी वक्त था। उन्होंने बुधवार को कहा कि यस बैंक के संकट से निपटने को प्लान बनाने के लिए काफी वक्त था और इस संबंध में काफी दिनों से चर्चाएं चल रही थीं। पिछले सप्ताह ही रिजर्व बैंक ने यस बैंक को अपने नियंत्रण में लिया था और ग्राहकों पर महीने में 50,000 रुपये से ज्यादा की निकासी पर रोक लगा दी है।

सीएनबीसी-टीवी 18 न्यूज चैनल से बातचीत करते हुए रघुराम राजन ने कहा, ‘यस बैंक ने हमें कई बार यह जानकारी दी कि वहां कुछ मुश्किल चल रही है। इसलिए उसे संकट से बाहर निकालने को किसी प्लान को तैयार करने के लिए काफी वक्त था। मैं कुछ और नहीं कहना चाहता हूं क्योंकि मेरे पास और ज्यादा जानकारी नहीं है।’ फिलहाल भारतीय स्टेट बैंक की ओर से यस बैंक में 49 फीसदी हिस्सेदारी खरीदे जाने की चर्चा है।

आगे बढ़ने के लिए जरूरी है सफाई: भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर के पद से 2016 में तीन साल का कार्यकाल पूरा कर हटने वाले राजन ने कहा कि मैं लंबे समय से देश में वित्तीय संस्थानों की सफाई की बात करता रहा हूं। आगे बढ़ने के लिए यह जरूरी है कि एक बार वित्तीय संस्थानों की खामियों को दूर किया जाए। उन्होंने कहा कि इस सफाई को करने की इच्छाशक्ति न दिखाने के चलते ही भारतीय अर्थव्यवस्था की यह स्थिति हुई है।

…तो बैंकों से उठ जाएगा ग्राहकों का भरोसा: उन्होंने वित्तीय संस्थानों को लेकर कहा, ‘वित्तीय संस्थानों में सफाई के काम को तत्काल प्रभाव से किया जाना चाहिए। यदि ऐसा नहीं होता है तो फिर निजी बैंकों, एनबीएफसी और सरकारी बैंकों पर लोगों के भरोसे में कमी आएगी। साफ है कि वित्तीय क्षेत्र ग्रोथ में योगदान नहीं दे पाएगा।’

Input- Jansatta

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