सुशांत सिंह राजपूत मौत केस की बागडोर सीबीआई ने सुशांत की मौत के 2 महीने बाद ली। मगर इस मामले में शामिल किरदारों किसी डीआर व्हाट्सएप चैट और अन्य अहम जानकारियां किस-किस पुलिस अधिकारियों ने निकलवाई है खुफिया एजेंसियों ने अब इसकी भी जांच करने शुरू कर दी है। खुफिया अधिकारियों को अब यह शक है कि इस केस से जुड़े अहम किरदारों की व्यक्तिगत जानकारियां अवैध तरीके से निकलवाई गई हैं जिनका उपयोग सीबीआई के रास्ते में रोड़ा अटका रहा है। जानकारी को निकलवाने में आईजी समेत कुछ दूसरे आला पुलिस अधिकारियों पर शक है।
Get Daily City News Updates

सीबीआई के एक आला अफसर ने यह जानकारी दी कि पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी बेहद सधे बयान दे रहे हैं क्योंकि उन्हें पहले से ही जानकारी हो जा रही है की सीबीआई के पास उनके खिलाफ कौन-कौन से सबूत इकट्ठे किए गए हैं। आरोपियों के बयान से यह साफ जाहिर हो रहा है की उनके द्वारा दिया गया उत्तर एक उच्च स्तर की तैयारी के बाद ही दिया जा सकता है, अधिकारियों को शक है कि सारे उत्तर वकील के सलाह से तैयार किए गए हैं।

Loading...

आखिर वह कौन बड़े अधिकारी हैं, जो इस जांच को निष्पक्ष तरीके से नहीं होने देना चाहते। आखिर वह कौन है जिसने इन आरोपियों के सीडीआर समेत अन्य अहम जानकारियां निकलवाए हैं। या क्या यह सारी जानकारियां अवैध तरीके से निकलवाए गए हैं जो लीक हो जा रही हैं। जांच एजेंसियों सूत्रों के मुताबिक यह वाक्य आरोपी पक्ष और शिकायत पक्ष दोनों ही तरफ देखा जा रहा है। इन दोनों पक्षों को वह सारी बात पहले ही पता चल जाती है जो सीबीआई पूछना चाहती है। सुशांत की बहनों ने सुशांत की डिप्रेशन ना होने की बात पहले कही थी। मगर उनके व्हाट्सएप चैट सोशल मीडिया पर आने से अब पता चलता है उनकी बहन ने ही उन्हें डिप्रेशन की दवाइयां लेने की सलाह दे रही हैं। जब सीबीआई उन्हें बातचीत करने के लिए अपने ऑफिस बुलाई तुझसे पहले सुशांत की तीनों बहने अपने वकील के पास पहुंच गई।

सीबीआई के पूछताछ के दौरान जिस तरह के सधे हुए जवाब आरोपी पक्ष के लोगों द्वारा दिए जा रहे हैं और से साफ अंदाजा लगाया जा सकता है की जवाब देने के पहले वकील से काफी राय मशवरा ली गई होगी।सीबीआई अभी जानना चाहती हैं कि इस मामले में शामिल आरोपियों के सीडीआर पर्सनल बैंक स्टेटमेंट व्हाट्सएप चाट रिकॉर्ड मुंबई पुलिस बिहार पुलिस और सीबीआई के अलावा किसने निकलवाए। जानकारी के लिए बता दें कि जब किसी केस की जांच की जाती है दोस्त के से जुड़े व्यक्ति सीडीआर कोई एसीपी लेवल का नीचे का अधिकारी नहीं निकाल सकता। यह यह कानून अरुण जेटली कांड के बाद गृह मंत्रालय द्वारा बनाए गए थे। तो क्या इस केस में कोई ऐसी मना ही नहीं है जिससे कि सीबीआई इस केस के तह तक पहुंच सके।

Loading...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here