हवाई यात्राओं के दौरान अब आप फेसबुक, ट्विटर का इस्तेमाल कर सकेंगे और ईमेल भी चेक कर सकेंगे। केंद्र सरकार ने उड़ान के दौरान वाईफाई के माध्यम से इंटरनेट सेवाओं के इस्तेमाल की इजाजत दे दी है।

विमान यात्रा के दौरान यात्रियों को स्मार्टफोन, लैपटॉप, टैबलेट आदि के लिए वाईफाई डाटा उपलब्ध होगा। केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद देशकी कई विमानन कंपनियां जल्द ही यात्रियों को वाईफाई की सुविधा उपलब्ध कराएंगी। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इसके लिए अधिसूचना जारी कर विमान अधिनियम, 1937 में बदलाव किया है। इसके अनुसार, पायलट इन कमांड उड़ान के दौरान वाईफाई से यात्रियों को इंटरनेट के इस्तेमाल की अनुमति देगा।

डिवाइस फ्लाइट मोड में रखना होगा : वाईफाई का इस्तेमाल करने के लिए शर्त रखी गई है कि यात्रियों को अपने इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, जैसे लैपटॉप, टैबलेट, स्मार्टफोन, स्मार्टवाच, ई-रीडर आदि को फ्लाइट मोड या एरोप्लेन मोड में ही रखना होगा।

अब तक विमान में अपने फोन बंद रखने को मजबूर यात्री अब बेधड़क होकर उड़ान के दौरान अपना मोबाइल फोन चला सकेंगे। टेलीकॉम कमीशन ने इसे कुछ शर्तों के साथ मंजूरी दे दी है। इसके बाद अब यात्री विमान के अंदर फोन कॉल के अलावा इंटरनेट का उपयोग भी कर पाएंगे। भारतीय एयरलाइंस कंपनियों के मुताबिक इस कदम से वो विदेशी कंपनियों से प्रतिस्पर्धा कर सकेंगी। हालांकि फ्लाइट में वाईफाई इक्विपमेंट लगाने पर कंपनियों को ज्यादा खर्च उठाना पड़ेगा। टेलीकॉम मंत्रालय ने इस फ्लाइट में वॉयस, डेटा और वीडियो सेवा देने पर रेगुलेटर की राय मांगी थी। ट्राई ने अपने सुझावों में कहा था कि दुनिया की करीब 30 एयरलाइंस फ्लाइट में कॉल और इंटरनेट की सुविधा देती हैं।

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