मोदी है तो मुमकिन है… लोकसभा चुनाव के दौरान आपने यह नारा खूब सुना होगा। चाहे सत्ता पक्ष या विरोधी पक्ष। इस नारे को सबने सराहा था, लेकिन आज सच में लग रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी के आने के बाद एक बड़ा बदलाव दिख रहा है। ताजा उदाहरण बिहार के एक रेलवे प्रोजेक्ट को लेकर सामने आ रहा है। बताया जा रहा है कि रेलवे कर्मचारियों ने मात्र 4.30 घंटे में रेल पुल बनाकर तैयार कर दिया। एक तरह से कहा जाए कि या रेल पुल रोड अंदर पास था। जानकारी के अनुसार यह अंडरपास सहरसा मधेपुरा रेल खंड पर 12 फीट ऊंचा बनाया गया है। कहा जा रहा है कि रेलवे कर्मचारियों ने समय से पहले ही इस रेल पुल अंडरपास का निर्माण कर दिया।

सहरसा-मधेपुरा रेलखंड में तय समय से आधा घंटा पहले 12 फीट ऊंचा अंडरपास तैयार हो गया। निर्धारित समय से 15 मिनट बाद सुबह 8।45 बजे से दोपहर 1।45 तक का ब्लॉक अंडरपास निर्माण के लिए लिया गया था।

निर्माण पूरा हो जाने के कारण दोपहर 1.15 बजे ही ब्लॉक के समय को रद्द करते ट्रेनों का परिचालन बहाल कर दिया गया। सबसे पहले दोपहर 2.09 बजे पूर्णिया कोर्ट से सहरसा आने वाली डेमू ट्रेन गुजारी गयी। बताया जा रहा है कि मिठाई के पास बनाए गए अंडरपास के अंदर से 11 फीट से ऊंचे वाहन का प्रवेश नहीं हो पाएगा। दोनों तरफ 100-100 मीटर की दूरी में एप्रोच पथ बनाए जाएंगे। सुरक्षा के ख्याल से निर्माण के दौरान सबसे पहले 15 मीटर लंबा ट्रैक और 25 हजार वोल्ट के तार को हटाया गया। फिर छह स्लैब को ढ़ालते हुए सात सिग्मेंटल बॉक्स लगाए गए।

अंडरपास बनने के बाद सहरसा-मधेपुरा के बीच अतिव्यस्त मार्ग एनएच 107 में लेवल क्रॉसिंग गिरने से लगने वाले भारी जाम से राहगीरों और वाहन चालकों को निजात मिलेगा। ऊपर से रेल गुजरेगी और नीचे से राहगीरों और वाहन चालकों की आवाजाही होगी। इस व्यवस्था के बाद कभी भी रेल फाटक गिराने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वाहनों की आवाजाही बिना रूकावट इस अतिव्यस्त मार्ग मे होती रहेगी। फाटक गिराने और उठाने का झमेला दूर हो जाएगा।

अंडरपास निर्माण कार्य को लेकर साढ़े चार घंटे तक सहरसा-मधेपुरा रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन बाधित रहा। जिससे यात्रियों को काफी परेशानी हुई। सहरसा-मधेपुरा अप डाउन सवारी गाड़ी (55569/70) रद्द रही। पूर्णिया कोर्ट से सहरसा के लिए डेमू ट्रेन (75261) 210 मिनट रिशिड्यूलिंग होकर चली। जयनगर से सहरसा, कटिहार होकर मनिहारी को जाने वाली जानकी एक्सप्रेस सलौना-सिमरी बख्तियारपुर के बीच 135 मिनट नियंत्रित कर चलाई गयी। वहीं सवारी गाड़ी रद्द रहने के कारण इंटरसिटी एक्सपे्रस पकड़ने के लिए मधेपुरा, मुरलीगंज के यात्रियों को सहरसा सड़क मार्ग से आना पड़ा।

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