सुशांत सिंह राजपूत की मौत मिस्ट्री जांच में सीबीआई अपना रोल बखूबी निभा रही है । सीबीआई को इस केस को अपने हाथ में लेने में भले ही 2 महीने का वक्त लगा हो। लेकिन सीबीआई के इस केस में आ जाने से तेजी दिख रही है। मौका ए वारदात के सबूत भले ही धू़ंधले हो गए हो लेकिन साइंटिफिक तरीके से सीबीआई सबूत इकट्ठा करने में जुटी हुई हैं । एक तरफ रिया के व्हाट्सएप चैट से हुए खुलासे से इस केस में ड्रग्स कनेक्शन सामने आया है। वही शुरुआती दिनों तक इस केस की जांच मुंबई पुलिस ने एक मामूली आत्महत्या की दृष्टि से की थी।

महाराष्ट्र सरकार और मुंबई पुलिस ने इस केस को सीबीआई के हाथ नहीं सौपने के लिए तमाम हथकंडे अपना चुकी थी मगर सीबीआई के आ जाने से उनकी मंशा पर पानी फिर गया।इस केस में सुशांत सिंह के करीबी ,जानने वाले हॉलीवुड के अभिनेता और देश की जनता (आत्महत्या की थ्योरी) पर हमेशा से सवाल उठाते रहे हैं। वहीं इस थ्योरी पर विपक्ष के बीजेपी के वरिष्ठ नेता किरीट सौमया ने उद्धव सरकार और मुंबई पुलिस पर सही से जांच न करने का आरोप लगाया है।

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किरीट सौमया ने एक न्यूज एजेंसी से बातचीत के दौरान यह कहा कि उद्धव सरकार इस जांच को दबा रही थी। अगर महाराष्ट्र सरकार चाहती तो इस जांच को 60 दिनों में आत्महत्या का केस बनाकर जांच न की जाती। किरीट सोमैया ने महाराष्ट्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि महाराष्ट्र गृह मंत्री अनिल देशमुख मुंबई के पुलिस कमिश्नर के साथ मिलकर इस जांच को डायवर्ट करना चाहते थे। मगर सीबीआई के आ जाने से उनके मंसूबे पर पानी फिर गया है।

कुछ दिन पूर्व बीजेपी नेता राम कदम ने यह कहा था कि इस केस में जरूर कोई फिल्म इंडस्ट्री का बड़ा चेहरा , क्या कोई नेता शामिल है जिसे महाराष्ट्र सरकार द्वारा बचाने का प्रयास किया जा रहा है। विगत 2 महीने में इस केस को लेकर महाराष्ट्र सरकार का जो रवैया है उससे हमें इस बात का संदेह है।

सुशांत का परिवार और देश की जनता सुशांत केस के शुरुआती दिनों से ही सीबीआई जांच की मांग कर रहे थे लेकिन महाराष्ट्र सरकार और मुंबई पुलिस ने इस केस को सीबीआई को सौंपने से साफ मना कर दिया था।

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