राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभिकरण ने आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत बिहार के प्रयासों की प्रशंसा की है। खासकर, बिहार में योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बनाने के लिए राज्य में ग्राम पंचायत स्तर पर चलाए जा रहे विशेष अभियान की प्रशंसा की है। अभिकरण ने पिछले दो माह में योजना के तहत प्राप्त उपलब्धियों का विशेष जिक्र किया है। बिहार राज्य स्वास्थ्य सुरक्षा समिति ने पंचायतीराज विभाग के कार्यपालक सहायकों की सहायता से ग्राम स्तर पर इस अनूठे अभियान की शुरुआत की थी। इस का उद्देश्य अधिकाधिक पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ दिलाना है।

कैबिनेट की मंजूरी के बाद हाल ही में राज्य सरकार ने आयुष्मान योजना के तहत सूचीबद्ध सरकारी व निजी अस्पतालों के दावों के भुगतान के लिए 55 करोड़ रुपये जारी किया है। इससे अस्पतालों में आधारभूत संरचना का विकास, इलाज के लिए आवश्यक उपकरणों की खरीद, निजी अस्पतालों के विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवा, आयुष्मान मित्रों की तैनाती आदि की सुविधा उपलब्ध होगी।

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प्रधानमंत्री जन अरोग्य आयुष्मान योजना के तहत बिहार में गोल्डन कार्ड प्राप्त करने वाले परिवारों की संख्या 24 लाख से अधिक हो चुकी है। बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति के कार्यपालक निदेशक सह स्वास्थ्य सचिव लोकेश कुमार सिंह के अनुसार समिति के तहत गठित राज्य सूचीबद्धकरण समिति की बैठक में हाल ही में 22 नए निजी अस्पतालों को इस योजना के तहत सूचीबद्ध किया गया है।

स्वास्थ्य विभाग के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि राज्य में अब तक 52 लाख लाभुकों को आयुष्मान योजना के तहत गोल्डन कार्ड जारी किया गया है। जबकि इस योजना के तहत एक करोड़ आठ लाख व्यक्ति सूचीबद्ध हैं। वहीं, इस योजना के तहत करीब पांच लाख परिवारों के सदस्य आच्छादित हैं।

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