चितरंजन कुमार:- आज सच्चिदानंद सिंहा कॉलेज छात्रसंघ अध्यक्ष आशिका सिंह के नेतृत्व में छात्रसंघ के और टीम के द्वारा कॉलेज का भ्रमण किया,जिसमें पाया कि कॉलेज की दुर्दशा चुनाव के कारण हो गई है।किसी भी तरह का चुनाव होता है जिसमें कॉलेज का उपयोग चुनाव आयोग के द्वारा किया जाता है और उसके बाद कॉलेज की स्थिति बद से बदतर हो जाती है।कॉलेज छात्रों के पैसों से सुंदर बनाए जाते हैं छात्रों के पैसों से सभी जगह सुविधा के अनुसार व्यवस्था बनाई जाती है लेकिन निर्वाचन आयोग के द्वारा महाविद्यालय को लेकर और अपने हिसाब से रखरखाव करते हुए उसे बर्बाद कर दिया जाता है।

इस मामले में सरकारी व्यवस्था होने के कारण कॉलेज के प्राचार्य एवं कॉलेज प्रशासन भी बहुत कुछ नहीं बोल पाता है और निर्वाचन आयोग को भी जो मन में आता है अपने पद की गरिमा को लगाते हुए वह सब कुछ करते हैं। लेकिन शायद वह भूल जाते हैं कि यह जो भी कार्य हुए हैं,वह सरकार के पैसे से नहीं बल्कि छात्रों के पैसे से हुए हैं कॉलेज में अलग-अलग जगह पर जिस तरह से कॉलेज का नजारा देखने को मिल रहा है यह काफी दुखद है।

एक तो यह पिछड़ा क्षेत्र ऐसे ही है जहां शिक्षा के क्षेत्र में सिन्हा कॉलेज मात्र एक रोशनी देने का काम करता है,उसमें अगर देखें तो अलग-अलग भवनों में जिस तरह से तोड़फोड़ हुआ है जिस तरह से अच्छे कॉलेज को बदतर किया गया है कहीं ना कहीं इस पर विचार करना चाहिए।आज बायोटेक बी फार्मा के छात्रों के लिए बॉटनिकल गार्डन का जिस तरह से निर्माण कराया गया था आज बॉटनिकल गार्डन बर्बाद हो चुका है।

कॉलेज के कई भागों में जोड़-तोड़ करने से उसका भी हालत बदतर है कहीं ना कहीं इस पर गंभीर विचार करना चाहिए चुनाव आयोग के द्वारा हर बार सिन्हा कॉलेज को लिया जाता है और महीनों महीनों तक कॉलेज बंद रहते हैं जिसे छात्रों का भी पठन-पाठन लगातार बंद होता है।

उनका सिलेबस पूरा नहीं होता है पेयजल की व्यवस्था बनाई रहती है सब अलग-अलग तरह से ध्वस्त किया हुआ मिलता है कहीं ना कहीं चुनाव आयोग को निर्वाचन विभाग को इस पर विचार करना चाहिए और छात्रों के पैसे से सुंदर बनाए गए कॉलेज को उसे सही करना चाहिए,और नहीं तो कोई दूसरा विकल्प ढूंढना चाहिए कॉलेज प्रशासन भी इसे बोलने से बचता है क्योंकि वह सरकारी तंत्र की व्यवस्था है सिंहा कॉलेज में कॉलेज खुलते ही कई तरह के परीक्षा शुरू हुए हैं जिसमें स्नातकोत्तर की प्रैक्टिकल की परीक्षा, कई व्यवसायिक पाठ्यक्रमों की प्रायोगिक परीक्षा साथ ही स्नातक पार्ट वन पार्ट 2 की परीक्षा चालू हो रहे हैं,लेकिन छात्रों को अच्छी तरीका से ना तो बैठने की जगह बन पाई है ना तो पानी की व्यवस्था हो पाया है न तो बिजली कनेक्शन सही हो पाया है।

क्योंकि चुनाव के दौरान सभी तरह के बिजली कनेक्शन काट दिया गया था आज शिक्षक को भी उनकी बैठने की व्यवस्था नहीं दिखी कॉलेज का जो स्थिति आया उसमें छात्र परीक्षा कैसे देने आएंगे कल से ही सभी तरह की प्रायोगिक परीक्षा महाविद्यालय में चालू हो गए हैं। ऐसे में आज छात्र महाविद्यालय परिसर में परेशान दिख रहे हैं जिसे छात्रसंघ पुरजोर तरीके से उठाएगा आज सिन्हा कॉलेज ऐसे बड़े कॉलेज जो पठन-पाठन के लिए जाना जाता है ।

आशिका ने कहा कि कहीं ना कहीं आज वह बर्बाद होता दिख रहा है छात्रसंघ अध्यक्ष होने के नाते मैं इस बात को पुरजोर तरीके से उठाउंगी छात्रों के पैसा से निर्मित कॉलेज में सभी कार्य जिस तरह से चुनाव आयोग ने उसे बद से बत्तर किया है उसे सुव्यवस्थित करें आज मंहगे मंहगे पौधे सूख गए उसे कोई देखने वाला नहीं रहा ना तो इस मामले में कॉलेज प्रशासन को बहुत दिक्कत होगा नहीं निर्वाचन विभाग को दिक्कत होगा तो छात्रों को होगा क्योंकि छात्रों के पैसे से यह निर्माण कराया जाता है।

इसलिए कॉलेज प्रशासन से भी अपील होगा कि कॉलेज को पुनः व्यवस्थित ढंग से चालू किया जाए और निर्वाचन विभाग भी इसे सुंदर बनाने में मदद करें इस अवसर पर मुकुल कुमार, मनु कुमार, सुप्रिया कुमारी ,शिबू कुमार मधु कुमारी उपस्थित थे।

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