पटना: नीतीश कुमार एनडीए के नेता निर्वाचित होने के बाद सीएम के रुप में सातवीं बार शपथ ग्रहण करेंगे. 2015 में नीतीश कुमार महागठबंधन के नेता निर्वाचित होने पर सीएम की कुर्सी तक पहुंचे थे. 2015 में 10 वर्षों से सत्ता से बाहर चल रहा लालू परिवार सत्ता के गलियारे तक पहुंचा था.

हालांकि, लालू के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव शपथ ग्रहण में एक गलती कर दी थी. आरजेडी सुपीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने अपनी शपथ में गलती कर दी थी. तेज प्रताप ने पहले अपेक्षित की जगह उपेक्षित बोल दिया बाद में तब की जगह जब बोल दिया था. हालांकि, मौके पर ही निवर्तमान राज्यपाल रामनाथ कोविंद ने ठीक कराया था और गोपनीयता की शपथ दिलाई.

Loading...

दोबारा लेनी पड़ी थी शपथ

इस दौरान तेज प्रताप यादव मंच पर झेंप गए. राज्यपाल ने तेज प्रताप यादव को दोबारा शपथ ग्रहण पढ़ने के लिए कहा. इसके बाद फिर से तेजप्रताप ने मंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की दोबारा शपथ ली. तेजप्रताप ने नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव के बाद तीसरे नंबर पर शपथ ली थी.

ये भी पढ़ेंः नीतीश कुमार कल लेंगे सीएम पद की शपथ, जानिए कौन बन रहा है डिप्टी सीएम

पहली बार में बने थे मंत्री

बता दें कि महागठबंधन की सरकार में तेज प्रताप यादव महुआ सीट से विधायक चुन कर पहली बार विधानसभा पहुंचे थे. लालू परिवार से होने का उन्हें फायदा भी मिला. तेजस्वी और तेजप्रताप दोनों पहली बार मैदान में उतरे और दोनों पहली ही बार विधायक बनते ही मंत्री बन गए. जहां, तेजस्वी को डिप्टी सीएम और पथ निर्माण जबकि तेज प्रताप को स्वास्थ्य जैसा भारी भरकम मंत्रालय दिया गया था.

Get Daily City News Updates

Loading...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here