पटनाः पटना हाईकोर्ट प्रशासन ने एक महत्त्वपूर्ण फैसले में पटना सिविल कोर्ट के 16 घूसकोर कर्मियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया है. 15 नवम्बर 2017 को एक स्टिंग ऑपरेशन में एक्साइज के स्पेशल कोर्ट में पेशकारों और अन्य कर्मियों का अभियुक्तों के साथ लेन-देन की काली करतूत सामने आ गई थी. जिस पर हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला लिया है.

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पटना हाई कोर्ट के तत्कालीन चीफ जस्टिस राजेंद्र मेनन ने मामले को संज्ञान में लेते हुए सभी कर्मचारियों को फौरन निलंबित करने का आदेश दिया था. सभी कानूनी प्रक्रिया के बाद हाई कोर्ट प्रशासन ने अंततः सेवा से बर्खास्तगी का आदेश जारी कर दिया.

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बर्खास्त होने वाले कर्मी हैं-पेशकार कुमार नागेन्द्र, पेशकार संजय शंकर, पेशकार रोमेंद्र कुमार, पेशकार संतोष तिवारी, पेशकार आशीष दीक्षित, पेशकार प्रदीप कुमार, पेशकार सुनील कुमार यादव,पेशकार विश्वमोहन विजय, क्लर्क मुकेश कुमार, टाइपिस्ट सुबोध कुमार हैं.

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इसके अलावा नकलखाना क्लर्क शहनाज रिजवी, सर्वर रूम के क्लर्क सुबोध कुमार, चपरासी मणि देवी, चपरासी मधु राय, चपरासी राम एकबाल और चपरासी आलोक कुमार.पटना सिविल कोर्ट के इतिहास में पहली बार भ्रष्टाचार में लिप्त कर्मचारियों की इतनी बड़ी संख्या में बर्खास्तगी का मामला आया है.

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