बिहार में सरकारी नियोजित मास्टरों की बल्ले-बल्ले, होली से पहले नीतीश कुमार ने खोला खज़ाना,बिहार में नियोजित शिक्षकों को सरकार का बड़ा तोहफा, वेतनमान छोड़कर सभी मुरादें होंगी पूरी

पटना. बिहार के हड़ताली नियोजित शिक्षकों (Contract Teachers) को राज्‍य सरकार (State Government) बड़ा तोहफा देने की तैयारी कर रही है. पिछले 18 दिनों से समान वेतनमान की मांग पर हड़ताल पर डटे नियोजित शिक्षकों को सरकार होली से पहले बड़ी सौगात देने की तैयारी कर ली है. नियोजित शिक्षकों को वेतनमान छोड़कर सभी मुरादें पूरी हो सकती है.

सूत्रों के मुताबिक सरकार ने सेवा शर्त का लाभ देने जा रही है. जानकारी के मुताबिक, सरकार ने सेवा शर्तों को तैयार कर लिया है. सरकार जल्द ही सेवा शर्त लागू करने की घोषणा कर सकती है. नियोजित शिक्षकों को 20 प्रतिशत वेतन वृद्धि की सौगात दी जा सकती है. सूत्रों की माने तो सेवा शर्त का ड्र्राफ्ट अंतिम रूप से शिक्षा विभाग ने तैयार कर लिया गया है और मुख्य सचिव को भी भेज दी गई है. इसके अलावा अब नियोजित शिक्षकों का ऐच्छिक स्थानांतरण हो सकेगा. राज्य के 4 लाख नियोजित शिक्षकों को इसका फायदा मिलेगा.

साथ ही नियोजित शिक्षकों को कर्मचारी भविष्‍यनिधि (EPF) के लाभ मिलेंगे. बताया जा रहा है कि ईपीएफ डिपार्टमेंट से सरकार की सहमति बन गई है. ईपीएफ में राज्य सरकार को 1100 करोड़ रूपये खर्च सहने होंगे जबकि ईपीएफ डिपार्टमेंट को आधे का खर्च सहना होगा.एक साथ नियोजित शिक्षकों को सरकार तीन बड़ी सौगात देगी जिसका इशारा गुरुवार को पहली बार सदन में शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन वर्मा ने भी किया था. बताते चलूं कि वर्षों से वेतनमान की मांग कर रहे शिक्षकों को सीएम नीतीश कुमार वेतनमान नहीं देने की बात शुरू से करती आ रही है लेकिन इस बार हड़ताल की वजह से राज्य की शिक्षा व्यवस्था के साथ परीक्षा और मूल्यांकन पर इसका व्यापक असर पड़ रहा है जिसको लेकर सरकार ने वेतनमान छोड़ सभी शर्तें मंजूर करने का फैसला लिया है.

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में भी राज्य सरकार ने कहा था कि राज्य सरकार वेतनमान देने की स्थिति में नहीं है क्योंकि वेतनमान और एरियर पर सरकार को 56 हजार करोड़ रूपये खर्च का भार उठाना पड़ेगा जो संभव नहीं है. इसके बदले सरकार 20 प्रतिशत तक वेतनवृद्धि करने का प्रस्ताव एफिडेविट के साथ सुप्रीमकोर्ट के समक्ष सौंपी थी और आखिरकार सरकार वही करने जा रही है. अब 20 प्रतिशत वेतनवृद्धि, सेवा शर्त का लाभ और ईपीएफ का लाभ एक साथ देने जा रही है. ऐसे में अब देखना होगा कि सरकार के इस सौगात भरे फैसले से नियोजित शिक्षक हड़ताल तोड़ने को राजी होते हैं या फिर वेतनमान की लड़ाई जारी रहती है.

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