राजद के प्रवक्ता विजय प्रकाश ने मांझी-नीतीश के मुलाकात पर कहा है कि महागठबंधन में सब कुछ ठीक है. हो सकता है कोरोना वायरस पर मुलाकात करने गये होंगे. कोरोना से कैसे सब ठीक होगा इस पर विचार करने गये होंगे. ऐसी कोई दिक्कत कहीं नहीं है महागठबंधन में. महागठबंधन की एकजुटता बरकरार है. आगे विजय प्रकाश ने कहा कि हमारे गार्जियन जीतन राम मांझी जी कसम खाए हुए हैं कि तेजस्वी हमारे पुत्र सामान है. जब तक मैं तेजस्वी को सीएम नहीं बना लूंगा मैं राजनीति से संन्यास नहीं लूंगा. ऐसे में वह कही नहीं जा सकते हैं.

बता दें कि मंगलवार की शाम हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की. करीब एक घंटे तक यह मुलाकात चली. नीतीश-मांझी की इस मुलाकात के बाद बिहार की राजनितिक सरगर्मी भी बढ़ गई है. हालांकि इस मुलाकात में क्या बात हुई है यह सामने नहीं आ सका है, लेकीन कयास लगाए जा रहे हैं कि मांझी एक बार फिर चुनाव में नीतीश के साथ जा सकते हैं. साथ ही मांझी के साथ मुकेश सहनी भी नीतीश कुमार के साथ आ सकते हैं ऐसी भी संभावना व्यक्त की जा रही है. वहीं कुशवाहा को लेकर संशय बनीं हुई है. बता दें कि पिछले कई दिनों से जीतन राम मांझी महागठबंधन के स्वरूप व अस्तित्व को लेकर लगातार सवाल खड़े कर रहे थे.

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जीतन राम मांझी ने साफ़ लहजे में राजद को यह कह दिया है कि 31 मार्च तक राजद महागठबंधन को लेकर स्पष्ट रूप से सामने आये. चुनाव कैसे लड़ी जाएगी, किसके साथ लड़ी जाएगी यह महागठबंधन में कुछ साफ नहीं है. बता दें कि महागठबंधन में उहापोह की स्थिति सीटों के बंटवारे को लेकर है. सभी छोटे दल आशंकित है कि किसको कितनी सीट मिलेगी. लिहाजा महागठबंधन के छोटे घटक दलों ने तेजस्वी को प्रत्यक्ष रूप से सीएम का चेहरा मानने से भी इनकार कर दिया है. उपेंद्र कुशवाहा ने भी सीएम के रूप में तेजस्वी के नाम पर सहमती नहीं दी है.

माना जा रहा है कि सीएम के तौर पर तेजस्वी के नाम पर सहमती नहीं दिखाने के पीछे महागठबंधन के सभी घटक दल खुद को मनमाफिक सीट देने को लेकर दवाब बनाने का प्रयास कर रहे है. मांझी मीडिया के सामने इतना तक कह चुके हैं कि 31 मार्च के बाद हो सकता है राजद महागठबंधन से आउट हो जाए. हालांकि नीतीश से मुलाकात से पहले मांझी लगातार कहते हुए नजर आये हैं कि वह महागठबंधन में हैं और रहेंगे. महागठबंधन में पप्पू यादव, सीपीएम, सीपीआई, बसपा भी शामिल हो सकती है मांझी यह भी कह चुके हैं.

मांझी ने कहा है कि जब पांच पार्टनर में चार पार्टनर एक विचार के हैं तो महागठबंधन हमारा हुआ, भले सीट किसी को अधिक है यह अलग मसला है. अगर राजद के मन में बात आये कि हमही सब कुछ हैं तो यह सही नहीं है. इधर देर शाम नीतीश कुमार से मांझी की मुलाक़ात ने महागठबंधन के भविष्य पर एक बार फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं. अब देखना दिलचस्प होगा कि नीतीश और मांझी की यह मुलाक़ात बिहार की राजनीति में क्या रंग लाती है.

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