पंचांग के अनुसार इस साल महाशिवरात्रि का पर्व 11 मार्च को मनाया जाएगा. ज्योतिष गणना के मुताबिक इस दिन विशेष संयोग का निर्माण हो रहा है. इस वर्ष शिवरात्रि का पर्व शिव योग में मनाया जाएगा, जो एक शुभ योग है. इस दिन धनिष्ठा नक्षत्र रहेगा. चंद्रमा मकर राशि में शनि और देव गुरू बृहस्पति के साथ विराजमान रहेगा.

महाशिवरात्रि पर्व के दिन भगवान शिव की पूजा की जाती है. भगवान भोलेनाथ अपने भक्तों को कभी निराश नहीं करते. ऐसा कहा जाता है कि महाशिवरात्रि पर विधि पूर्वक पूजा करने से सभी प्रकार की मनोकामनाएं पूर्ण होती है. भगवान शिव की इस पूजा में पूजा सामग्री का विशेष महत्व बताया गया है.

महाशिव रात्रि का है खास महत्व

धर्म ग्रंथो में भी उल्लेख है कि भगवान शिव बहुत जल्द प्रसन्न वाले देवता हैं. शिव शंभु का आर्शीवाद प्राप्त करने के लिए महाशिवरात्रि का दिन बहुत ही उत्तम है. यहीं कारण है कि शिव भक्त महाशिवरात्रि के पर्व का हर साल इंतजार करते हैं. भगवान शिव की पूजा में कुछ विशेष चीजों का प्रयोग किया जाता है.

महाशिवरात्रि के लिए जरुरी पूजा सामग्री

महाशिवरात्रि की पूजा सामग्री विशेष होती है. पूजा सामग्री में उन चीजों को प्रयोग में लाया जाता है जो भगवान शिव की प्रिय होती हैं. पूजा सामग्री में शुद्धता और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए. महाशिवरात्रि की पूजा में दही, मौली, अक्षत(चावल), शहद, शक्कर, पांव प्रकार के मौसमी फल, गंगा जल, जनेऊ, वस्त्र, इत्र, कुमकुम, पुष्प, फूलों की माला, खस, शमी का पत्र, लौंग, सुपारी, पान, रत्न, आभूषण, परिमल द्रव्य, इलायची, धूप, शुद्ध जल के साथ-साथ इन चीजों को भी शामिल करते हैं. इसमें बेलपत्र, भांग, मदार, धतूरा, गाय का कच्चा दूध, चंदन, रोली, कपूर, केसर.

पूजा के लिए शुभ मुहूर्त

इस साल महा शिव रात्रि का शुभ मुहूर्त फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 11 मार्च को दोपहर 02 बजकर 39 मिनट से आरंभ होगी, जो 12 मार्च को दोपहर 03 बजकर 02 मिनट तक रहेगी. वहीं, महाशिवरात्रि के दिन निशिता काल पूजा मुहूर्त रात 12 बजकर 06 मिनट से देर रात 12 बजकर 55 मिनट तक रहेगा.

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