पटनाः विधानसभा चुनाव में गठबंधन के बीच पार्टी नेताओं ने बगावत का झंडा उठाना शुरू कर दिया है. सीएम नीतीश कुमार के करीबी पूर्व विधायक व जदयू के प्रदेश महासचिव मंजीत सिंह ने पार्टी के खिलाफ जाकर 16 अक्टूबर को बैकुंठपुर विधानसभा सीट पर्चा दाखिल करेंगे. इस बात की जानकारी खुद पूर्व विधायक मंजीत सिंह ने दी है. उन्होंने कहा की वो किस दल से चुनाव लड़ेंगे, अभी तय नहीं हुआ है.

जदयू महासचिव का कहना है कि अगर बैकुंठपुर विधानसभा सीट से जदयू से उनका टिकट कटता है, तो भी वो यहां से चुनाव लड़ेंगे. दरअसल, इस सीट से भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष मिथिलेश तिवारी विधायक हैं. जिसके वजह से यह सीट बीजेपी के खाते में जाने की प्रबल संभावना है. बीजेपी इस सीट को नहीं छड़ना चाहती है. इससे पहले बीजेपी को कई सीटिंग सीट जदयू को हवाले करना पड़ा है.

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                                                                मिथलेश तिवारी (फाइल फोटो )

बैठक कर चुनाव लड़ने का ऐलान

वहीं, सियासी गलियारे में इश बात की चर्चा है कि इस बार भी इस सीट से बीजेपी प्रदेश उपाध्यक्ष मिथिलेश तिवारी ही एनडीए उम्मीदवार होंगे. ऐसे में मंजीत सिंह का टिकट कटना तय है. इस हालात में मंगलवार को मंजीत सिंह अपने आवास पर जदयू के सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करते हुए चुनाव लड़ने का निर्णय लिया.

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जदयू महासचिव मंजीत सिंह (फाइल फोटो)

2 बार रह चुके हैं विधायक

बता दें कि मंजीत सिंह के दिवंगत बाबू बृजकिशोर सिंह के पुत्र हैं जो बिहार सरकार में मंत्री थे. मंजीत सिंह और सीएम नीतीश के बीच अच्छे थे. जब भी नीतीश कुमार गोपालगंज के दौरे पर आते बृजकिशोर सिंह से राजनीतिक राय जरूर लेते थे. वहीं, उनके बाद पुत्र ने बाद में बैकुंठपुर विधानसभा सीट से उनकी विरासत संभाली. और जदयू से दो बार विधायक चुने गए. हालांकि, पिछले बार उन्हें महागठबंधन के उम्मीदवार के रुप में बीजेपी के मिथिलेश तिवारी से हार का सामना करना पड़ा था.

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