पर्यटन स्थलों में रेलकर्मी अपनी छुट्टियां परिवार के साथ बिताने जाते हैं। इन पर्यटन स्थलों पर ठहरने के लिए अब रेलकर्मियों को होटलों में ऊंची कीमत देकर ठहरना नहीं पड़ेगा। इसके लिए होलीडे होम की सुविधा पर्यटक स्थलों पर किया है।

पूर्व मध्य रेल जोन का पहला होलीडे होम सह सब-ऑर्डिनेट गेस्ट हाउस पटना में बनकर तैयार है। दानापुर रेल मंडल के राजेंद्र नगर टर्मिनल पर यह होलीडे होम बना है। यह दानापुर रेल मंडल समेत पूरे जोन के लिए एक खास सौगात होगी।

अगले महीने से पूरे जोन के ग्रुप सी व डी के कर्मचारी होलीडे होम में ठहर सकेंगे। वहीं, हाजीपुर जोन मुख्यालय में अपने काम समेत अन्य प्रयोजनों से आने वाले रेल कर्मचारियों को कम पैसे में ठहरने के लिए तीन सितारा होटल जैसी सुविधाएं मिलेंगी। अप्रैल के दूसरे सप्ताह में होलीडे होम को शुरू किए जाने की तैयारी हो चुकी है।

दानापुर मंडल के वरीय मंडल कार्मिक अधिकारी सुरजीत सिंह ने बताया कि होलीडे होम सह सब-ऑर्डिनेट गेस्ट हाउस थ्री स्टार होटल की तर्ज पर विकसित हो रहा है। इसमें आधुनिक होटल की तर्ज पर रेल कर्मचारियों को सुविधाएं दी जाएंगी। इसके शुरू होने से दानापुर रेल मंडल समेत समस्तीपुर, धनबाद, सोनपुर और पंडित दीनदयाल उपाध्याय रेल मंडल के करीब 84 हजार से अधिक रेल कर्मचारियों को फायदा मिलेगा।

वरीय मंडल कार्मिक अधिकारी ने बताया कि दानापुर रेल मंडल के डीआरएम सुनील कुमार की देखरेख में इसे नए ढंग से बनाया गया है। राजेंद्र नगर टर्मिनल के प्लेटफॉर्म संख्या एक के पूर्वी छोर पर स्थित क्रू लॉबी भवन के प्रथम तल पर इसे विकसित किया गया है। इसमें ठहरने वाले ग्रुप सी व ग्रुप डी के रेलकर्मी इसकी बुकिंग ऑनलाइन करा सकेंगे। वैसे अगले महीने होने वाले नेशनल रेल वीक अवार्ड्स समारोह में इसे खोलने की पूरी तैयारी है।

कम पैसे में ठहरने की अत्याधुनिक सुविधा : जोन के रेल कर्मचारियों के लिए पटना में ठहरने के लिए अधिक पैसे खर्च नहीं करने पड़ेंगे। इसमें ठहरने वाले रेलकर्मियों को मुफ्त वाई-फाई, माइक्रोवेव ओवन, बेहतर खाने की सुविधा, फोन, टीवी समेत मनोरंजन के साधन भी होंगे। इसमें ठहरने वालों को नॉमिनल राशि देनी होगी। होलीडे होम में ग्रुप डी के कर्मी 12 रुपए व ग्रुप सी के कर्मी 30 रुपए रोजाना की दर से ठहर सकेंगे। अधिकारी वर्ग के लिए यह रेट 60 रुपए प्रति दिन के हिसाब से रखा गया है।

होलीडे होम में कुल नौ कमरे व तीन बड़े-बड़े डॉरमेट्री हॉल होंगे। सभी कमरे बड़े-बड़े आकार के हैं। वहीं, प्रत्येक डॉरमेट्री में 18 बेड की व्यवस्था होगी। ऐसे में एक समय में इसमें लगभग 70 लोग ठहर सकेंगे। मंडल के इंजीनियिंग सेक्शन ने भवन बनाकर कार्मिक विभाग को सौंप दिया है। अब कार्मिक विभाग इसके सौंदर्यीकरण समेत फर्नीचर व जरूरी सुविधाएं मुहैया करा रहा है। इसमें 10 लाख से अधिक के फर्नीचर लगाए जाएंगे।

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