PATNA : पटना हाईकोर्ट के फैसले के बाद NIOS से 18 महीने का डीएलएड कोर्स करने वाले तकरीबन दो लाख लोगों के सपने पर ग्रहण लग गया है. राज्य सरकार उन्हें शिक्षक नियोजन प्रक्रिया में शामिल करने को तैयार नहीं है. सरकार ने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील करने का फैसला ले लिया है.

एनआईओएस से 18 माह का डीएलएड काेर्स करने वाले निजी स्कूलों के करीब 2 लाख शिक्षकों को शिक्षक नियोजन प्रक्रिया में शामिल करने के हाईकाेर्ट के अादेश के खिलाफ राज्य सरकार अपील करेगी। 21 जनवरी को हाईकोर्ट ने इन्हें शिक्षक नियोजन में शामिल कराने का फैसला सुनाया था। साथ ही डीएलएड वालाें काे अावेदन करने के लिए एक माह का वक्त देने के लिए कहा था। हाईकोर्ट के फैसले के बाद से 71 हजार प्रारंभिक स्कूलों में 90763 शिक्षकाें की बहाली प्रक्रिया सरकार ने 11 फरवरी से रोक दी है। हाईकोर्ट के फैसले पर विधि विभाग से परामर्श के बाद शिक्षा विभाग अपील में जाएगी।

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शिक्षा विभाग एनसीटीई (नेशनल काउंसिल ऑफ टीचर्स एजुकेशन) के निर्देश का हवाला दिया था कि शिक्षक बहाली के लिए अभ्यर्थी का न्यूनतम दो साल का डीएलएड प्रशिक्षित होना अनिवार्य है। इसी अाधार पर शिक्षा विभाग ने सभी जिलों के डीईओ, डीपीओ सहित नियोजन इकाइयों को पत्र भेजकर 18 माह का डीएलएड काेर्स करने वाले को शिक्षक नियोजन में शामिल नहीं करने का निर्देश दिया था। प्राथमिक शिक्षा निदेशक डॉ. रणजीत कुमार सिंह ने बताया कि फैसले के खिलाफ सरकार अपील (एलपीए) में जाएगी।

प्राथमिक स्कूलों में 90763 शिक्षकों की होनी है बहाली
विभाग जल्द शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करना चाहता है। पंचायत सहित विभिन्न नियोजन इकाइयों के माध्यम से 90763 शिक्षकों की बहाली प्रक्रिया चल रही थी। मार्च के अंत तक पंचायत, प्रखंड सहित विभिन्न नियोजन इकाइयों के माध्यम से चयनित अभ्यर्थियों को शिक्षक के रूप में बहाल करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसमें एक से पांच तक की कक्षा के लिए 63951 शिक्षक और कक्षा 6 से 8 तक 26811 शिक्षकों का नियोजन होना है।

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