पटनाः बिहार विधानसभा चुनाव में सभी पार्टियां अपनी-अपनी घोषणा पत्र जारी कर रही है. आज कांग्रेस ने भी अपना घोषणापत्र जारी किया, जिसमें कई बड़े वादे किए गए. इन्हीं से एक वादा कांग्रेस ने शराबबंदी को लेकर भी किया है. कांग्रेस का कहना है कि शराबबंदी के निर्णय की वो सत्ता में आने पर समीक्षा करेगी. जिसके बाद सवाल खड़े होने लगे हैं.

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कांग्रेस प्रवक्ता हरखु झा का कहना है कि उनकी सरकार बनते ही बिहार में सबसे पहले युवाओं को रोजगार दिया जाएगा. इसके लिए राजस्व की आवश्यकता पड़ेगी. इस वजह से इस कानून का उनकी सरकीर समीक्षा करेगी. कांग्रेस ने कहा है कि शराबबंदी से राज्य के राजस्व को नुकसान हुआ है, लेकिन सरकार इसके सकारात्मक उद्देश्य से भटक गई है,

इसके कारण राज्य में अवैध व्यापार हो रहा है और पुलिस को लाभ पहुंचा है, जबकि जनता अभी भी परेशान ही है. ऐसे में सत्ता में आने पर इसकी सही से समीक्षा की जाएगी.

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महागठबंधन की सरकार में लागू हुई थी कानून

बता दें कि महागठबंधन की सरकार बनते ही नीतीश कुमार ने शराबबंदी कानून को लागू किया था. इसे एक बड़ी उपलब्धि करार दिया था. हालांकि, चुनावी सीज़न में बिहार के कई इलाकों में शराब पकड़ी गई है, जो कि इस फैसले के क्रियान्वन पर सवाल खड़े करती है. इनके अलावा कांग्रेस ने अपने वादों में कई अहम बातें कही हैं, जिनमें सौ यूनिट तक आधा बिल माफ, लड़कियों को स्कूटी, युवाओं को बेरोजगारी भत्ता, विधवाओं को पेंशन देने की बात कही गई है.

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