पटना: बिहार विधानसभा चुनाव में सीटों के हेरफेर के कारण नेताओं का पार्टी के खिलाफ बगावत का झंडा उठाने का सिलसिला तेज हो गया है. दिनारा विधानसभा सीट इस बार भी जेडीयू के पाले में गया है जहां से नीतीश के करीबी मंत्री जय कुमार सिंह चुनाव लड़ेंगे. इससे बीजेपी प्रदेश उपाध्यक्ष काफई नारज है. टिकट के प्रबल दावेदार राजेंद्र सिंह चुनाव लड़ने के लिए एलजेपी का दामन थाम लिया है.

दिनारा सीट से टिकट नहीं मिलने से नाराज राजेंद्र सिंह को एलजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने सदस्यता दिलाई. इसके साथ ही चिराग पासवान ने दिनारा से चुनाव लड़ने के लिए पार्टी का सिंबल भी दे दिया है. दरअसल, बीजेपी नेता राजेंद्र सिंह दिनारा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ना चाहते थे. लेकिन एनडीए गठबंधन में यह सीट जेडीयू के खाते में चली गई है. इस सीट से फिर से जेडीयू ने मंत्री जय कुमार सिंह को उम्मीदवार बनाया हैं.

2015 चुनाव में जय सिंह के खिलाफ लड़ चुके हैं चुनाव

बता दें कि बीजेपी प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह 2015 विधान सभा चुनाव में दिनारा सीट से चुनाव लड़ चुके हैं. हालांकि, महागठबंधन के प्रत्याशी जेडीयू उम्मीदवार जय कुमार सिंह से जोरदार टक्कर में मात्र 2700 वोटों से चुनाव हार गए थे. लेकिन इस बार इस विधानसभा चुनाव में यह सीट जेडीयू खाते में चली गई. ऐसे में मजबूरन राजेंद्र सिंह ने एलजेपी से चुनाव लड़ने का फैसला किया है.

बीजेपी में कई पद पर रह चुके हैं राजेंद्र सिंह

राजेन्द्र सिंह सासाराम के कोचस स्थित गौरा गांव के रहने वाले हैं. आरएसएस और अखिल भारतीय परिषद से जुड़े रहे बीजेपी नेता रामजन्म भूमि आंदोलन में भी सक्रिय रूप से शामिल थे. 2004 में बीजेपी से जुड़ने के बाद बनारस में संगठन मंत्री के पद पर आसीन थे. राजेंद्र सिंह पार्टी के कई पद पर रह चुके हैं. राजेंद्र सिंह 2013 से झारखंड के प्रदेश संगठन महामंत्री भी हैं. इसके अलावा वर्तमान में बिहार बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष हैं. बता दें कि राजेंद्र सिंह बिहार बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के रेस में थे हालांकि, इस पर आखिरकार बेतिया से सांसद संजय जायसवाल को बिहार बीजेपी का अध्यक्ष बनाया गया.

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