पूर्णिया: कोरोना वायरस के कारण पुरे देशभर में lockdown लगा हुआ है . कई लोगों को गंभीर स’मस्याओं से गुजरना पड़ रहा है . सरकार इसे लेकर राहत-बचाव का कार्य कर रही है . लेकिन फिर भी कई लोग छुट जा रहे है . लॉकडाउन (Lockdown) में दो दिनों से भूख-प्यास से बेहाल शमशाद ने जब पीएमओ (PMO) को फोन कर मदद मांगी तो महज एक घंटे मे ही थाना प्रभारी राहत सामग्री लेकर शमशाद के घर पर आ पहुचें. पीएमओ से इतनी जल्दी मदद मिलने से शमशाद का पूरा परिवार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद कहा.

मिली जानकारी के अनुसार, पूर्णिया के जलालगढ़ हाई स्कूल के पास सरकारी जमीन पर शमशाद और उसकी पत्नी जिया खातून दो बच्चों के साथ रहते हैं और फेरी का काम कर अपना घर चलाते हैं. कोरोना के चलते लॉकडाउन में उनका फेरी का कारोबार ठप पड़ गया है.

ऐसे में शमशाद और उनके परिवार के सामने भुखम’री की नौबत आन पड़ी. शमशाद का कहना है कि उसने भागलपुर के अपने एक मित्र से पीएमओ का नंबर लिया और वहां फोन किया तो पीएमओ के अधिकारी ने कहा कि दो-तीन घंटे में आपको मदद मिल जाएगी. लेकिन एक घंटे के अंदर ही जलालगढ़ के थाना प्रभारी मेनका रानी ने राशन पानी उनके घर पर भिजवा दिया.

थाना प्रभारी द्वारा पहुंचाए गए राशन में चावल, दाल, चूड़ा, सरसों का तेल, आलू-प्याज था. शमशाद ने कहा कि यहां के किसी जनप्रतिनिधि ने उनकी मदद नहीं की तो अंत में पीएमओ को फोन कर उनसे मदद मिली. शमशाद ने कहा कि वो लोग फेरी का काम कर कमाते-खाते हैं. उनके पास राशन कार्ड भी नहीं है.

सिर्फ आधार कार्ड है जिस कारण उन्हें किसी तरह की मदद नहीं दी गई लेकिन जब उसने पीएमओ को फोन किया तो एक घंटे के अंदर उनके घर पर राशन पहुंच गया. जिससे उनके और उनके परिवार की आज भूख मिट पाई . बता दे कि PMO में कोई भी व्यक्ति फ़ोन कर मदद मांग सकता है . उसकी मदद जरुर की जाती है.

source-news18


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