पटना: अं’डर वर्ल्ड का कु’ख्यात अ’पराधी एजाज लकड़वाला को बिहार पुलिस ने शुक्रवार को पटना से गि’रफ्तार कर लिया। बिहार से हुई गिर’फ्तारी के बाद यह पुरे देश में यह चर्चा का विषय बना हुआ है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस एजाज लकड़वाला को 20 साल से मुम्बई पुलिस तलाश रही थी वो आखिरकार बिहार में कैसे गिरफ़्तार हो गया ?

सूत्रों के अनुसार, एज़ाज़ के पटना में छिपकर रहने की जानकारी ना तो मुम्बई पुलिस ने कोई जानकारी थी। और ना ही पटना पुलिस इस बारे में कुछ बता सकी। मीडिया ने जब बिहार के एडीजी लॉ एंड आर्डर से यह सवाल किया की एजाज पटना में कहां और कब से रह रहा था तब एडीजी ने इसका जबाब मुम्बई पुलिस से लेने की सलाह दी, मतलब साफ है कि एज़ाज़ ने पटना को ठिकाना नही बनाया था।

सूत्रों से जानकारी के अनुसार, एज़ाज़ बिहार के रास्ते कई बार नेपाल जा चुका है। नेपाल से उसके दूसरे देशों में भी जाने का अंदेशा लगाया जा रहा है। पिछले साल 29 दिसंबर को मुंबई अप’राध शाखा के एईसी ने लकड़वाला की बेटी सोनिया को मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उस वक्त गि’रफ्तार किया था जब वह नक’ली पासपोर्ट का उपयोग करके अपनी बेटी के साथ नेपाल भा’गने की फि’राक में थी।

सोनिया ज’बरन वसू’ली और एक्स’टॉर्शन के आ’रोप में पुलिस की हि’रासत में है। मुम्बई पुलिस का दावा है कि बेटी ने ही अपने पिता के बारे में जो जानकारी दी। जिसके बाद उसकी गि’राफ्तारी के लिए मुम्बई क्रा’इम ब्रांच के डीसीपी शाह जी उमाप के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम बिहार से लेकर नेपाल तक गई।

मुम्बई टीम में डीसीपी के अलावा पुलिस इंस्पेक्टर सचिन कदम, एक अन्य इंस्पेक्टर ओर एक अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। साथ ही इस पूरे अभियान में बिहार एसटीएफ के भी कई अधिकारी और जवान भी शामिल थे। इसमें एक नाम एसटीएफ डीएसपी रामाकांत प्रसाद का भी है. लकड़ावाला की गि’राफ्तारी मुम्बई डीसीबी ,सीआईडी केस संख्या 5,/20 के तहट आईपी’सी की धारा 387 /34 सी के तहत हुई है। एजाज को गि’रफ्तार करने के बाद मुंबई पुलिस उसे अपने साथ मुंबई ले गयी।

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