डेस्क: कोरोना वाय’रस के प्र’कोप का असर सभी जगह दिख रहा है. देश आर्थिक मंदी की चपे’ट में है. ऐसे स्तिथि से उबारने के लिए केंद्र सरकार ने एक बहुत महत्वपूर्ण फैसला लिया है . सोमवार को हुई कैबिनट बैठक में कोरोनावायरस के चलते खड़े हुए संकट से निपटने के लिए अब प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, उप-राष्ट्रपति, सभी राज्यपाल और सांसदों की सैलरी में एक साल तक 30% कटौ’ती की जाएगी।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की गई इस बैठक में इस अध्यादेश को मंजूरी दी गई है। साथ ही सांसदों को मिलने वाली निधि भी 2022 तक रोक दी गयी है। सांसदों को 10 करोड़ की रकम क्षेत्र के विकास के लिए मिलती है। वेतनमान में की गई कटौती और सांसद निधि की रकम कंसोलिडेटेड फंड में जोड़ी जाएगी। 

किसे, कितना वेतन मिलता है 

पदवेतन/प्रति माह
राष्ट्रपति5 लाख रु.
उप-राष्ट्रपति4 लाख रु.
राज्यपाल3.5 लाख रु.
प्रधानमंत्री2 लाख रु.
सांसद2 लाख रु.

केंद्र सरकार ने दिए निर्देश

मोदी सरकार ने लॉकडाउन के बाद के एक्शन प्लान पर मंत्रियों को काम करने के निर्देश भी दिए हैं। प्रधानमंत्री ने मंत्रियों से कहा कि वे उन इलाकों में विभागों को धीरे-धीरे खोलने की योजना बनाएं, जो कोरोनावायरस के हॉटस्पॉट के रूप में नहीं उभरे हैं। मोदी ने मंत्रियों से 10 बड़े फैसलों और 10 प्राथमिकताओं की सूची बनाने को कहा है। 21 दिन के लॉकडाउन की मियाद 14 अप्रैल को खत्म हो रही है। 


प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक में मंत्रियों के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि लगातार मिल रहे फीडबैक की वजह से कोरोना के खिलाफ ल’ड़ा’ई में कारगर रणनीति बनाने में काफी मदद मिली। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में सभी नेताओं के लिए यह जरूरी है कि वह संबंधित राज्यों और जिला प्रशासन से लगातार सम्पर्क में रहें। खासतौर पर उन जिलों में जो कोविड-19 के हॉटस्पॉट बने हुए हैं।

ताकि वहां की जमीनी स्थिति के बारे में उन्हें भी पता रहे और समस्याओं के समाधान में वे मदद कर सकें। मोदी ने कहा कि फसल कटाई के लिए सरकार किसानों को हरसंभव मदद मुहैया कराएगी। प्रधानमंत्री ने ऐप आधारित कैब सर्विस की तर्ज पर मंडियों से किसानों को जोड़ने के लिए ऐप आधारित ट्रक सेवा उपलब्ध कराने का सुझाव भी दिया। जिसे कैबिनेट के सदस्यों ने समर्थन किया . कोरोना वायरस से बचाने के लिए सरकार के फैसले अभी तक बहुत हद तक सही साबित हुए है .

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